तुम्ही हो ये बाँहों में यकीन कैसे कर लूँ
दिखते हो निगाहों को यकीन कैसे कर लूँ
तुम तो ख़्वाबों में रहते थे आसमानों में कहीं
ये हक़ीक़त अगर है तो यकीन कैसे कर लूँ
साथ होने के एहसास महज़ लम्हें बन गए थे यादों के
मेरे कहने पे तेरे सुनने तक लकीरें जो खिचतीं थी चेहरे पे
वो आज साफ़ सामने देख सकती हूँ
बादल वो बरस पड़े हैं , यकीन कैसे कर लूँ
के जिन बातों के खजाने पर घडी की पाबंदियां थी
आज उसकी बैटरी निकल के वक़्त को रोक ने का भ्रम हुआ
क्या सच में अब टेलीफोन और इंटरनेट की कम असली तारें नहीं है
रूबरू होने का ये एहसास असली है, यकीन कैसे कर लूँ !!
जो हर पल पंडेमिक में अधूरी ख्वाहिशों लिए जी रहे थे
इंतज़ार की चक्ति लगा के मनोबल को सी रहे थे
पिछली मुलाकात आखिरी न हो जाये
ये डर कुछ काम हुआ है , यकीन कैसे कर लूँ !!
ये तुम ही हो सामने यकीन कैसे कर लूँ !!
ख्वाब नहीं हक़ीक़त है यकीन कैसे कर लूँ !!
दिखते हो निगाहों को यकीन कैसे कर लूँ
तुम तो ख़्वाबों में रहते थे आसमानों में कहीं
ये हक़ीक़त अगर है तो यकीन कैसे कर लूँ
साथ होने के एहसास महज़ लम्हें बन गए थे यादों के
मेरे कहने पे तेरे सुनने तक लकीरें जो खिचतीं थी चेहरे पे
वो आज साफ़ सामने देख सकती हूँ
बादल वो बरस पड़े हैं , यकीन कैसे कर लूँ
के जिन बातों के खजाने पर घडी की पाबंदियां थी
आज उसकी बैटरी निकल के वक़्त को रोक ने का भ्रम हुआ
क्या सच में अब टेलीफोन और इंटरनेट की कम असली तारें नहीं है
रूबरू होने का ये एहसास असली है, यकीन कैसे कर लूँ !!
जो हर पल पंडेमिक में अधूरी ख्वाहिशों लिए जी रहे थे
इंतज़ार की चक्ति लगा के मनोबल को सी रहे थे
पिछली मुलाकात आखिरी न हो जाये
ये डर कुछ काम हुआ है , यकीन कैसे कर लूँ !!
ये तुम ही हो सामने यकीन कैसे कर लूँ !!
ख्वाब नहीं हक़ीक़त है यकीन कैसे कर लूँ !!
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