Sunday, 3 May 2026

Forever - in Drafts

बहुत दुःख कितना दुःख होता है ??

जब मन उदास होता है या जब मैं खुद मेरे पास नहीं होता है 
जब कुछ मिला हुआ खो जाता है , या मिलने की आस खो जाती है 
या की जब कुछ भी मिलने की चाह खो जाती है 

बहुत दुःख कितना दुःख होता है ??


जब सांसें मद्धम चलने लगती हैं, या तूफ़ान हो जाती हैं
उनके थम जाने का ख्याल आसान लगने लग जाता है 
या फिर जब सांसें थोड़े पल के लिए ही - थम जाती हैं 
और थम  जाता है सांसों के कन्धों पे चलता हुआ - एक निराश जीवन का बोझ !!

बहुत दुःख कितना दुःख होता है ??


जब द्वंद इस कदर घर  जाता है , मैं मुझसे ही लड़ जाती हूँ 
लगता है या तो ये गलत हो रहा , या आज तक जो हुआ सो गलत था 
जब जीना तो इस पल में है , पर ये पल ही तो नहीं  संभल रहा है  !! 
सब कहते हैं - अंतर्द्वंद्व के साथ बैठो, पर दोनों ही लड़ना नहीं चाहते हैं 

बहुत दुःख कितना दुःख होता है ??

पता है निराशा क्या करती है हमारे साथ 
सब कुछ होता है जो आस पास - अचानक से दिखना बंद हो जाता है 
जैसे अँधेरी रात में बिजली चली जाए पर वो जो नहीं देखना चाहते हो वो आता है रौशनी की अथाह चादर ओढ़ के 
और आंखें चौंधिया जाती हैं और फिर तुम्हें कुछ और नहीं दिखता 


बहुत दुःख कितना दुःख होता है ??

पता है सबसे बुरा क्या होता है 
जब तुम्हारी औलाद तुम्हें हंसाने की कोशिश करती है 
तुम उसको भी नहीं देख पाते  हो, सुन पाते हो 
और धीरे धीरे उसको लगता है तुम ऐसे ही हो , और वो बच्चा तुम्हें खुश नहीं कर सकता है 


बहुत दुःख कितना दुःख होता है ??


जब तुम्हारे सब दोस्त बोलते हैं की तुम ठीक हो 
तुमने सबसे बात कर के देख लिए पर तुम ठीक  नहीं हो 
क्यूंकि ठीक होना तोह खुश होना होता है न 
या दुखी न होना भी हो सकता है , पर ये निराशा क्यों 

बहुत दुःख कितना दुःख होता है ??












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