Friday, 2 September 2016

कुछ नहीं बदलेगा, सब बदल गया !

कुछ नहीं बदलेगा
न कुछ कभी बदला है 
ये  दुनिया वैसे  ही चलती आई है - सदियों से ।। 

साहब बदलते हैं, सरकारें  बदलती है 
कुछ नाम बदलते हैं 
पर काम - काम हमेशा वही  ।। 

वादे बदलते हैं 
योजनाएं बदलती हैं 
पर उन्नति वही  - 'ढाक के तीन पात'  !!

पता नहीं अब ज्यादा उम्मीद नहीं रही 
शायद फर्क पड़ना ही बंद हो गया 
अरे ! कहीं यही तो नहीं बदला है !

हा - हा-  हा ! तो फिर तो सब  कुछ ही बदल गया  ।। 
लो - आ गया बदलाव !!  ठोंको ताली ।। 


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